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Maharashtra में काले कवक के 7,998 मामले सामने आए, 729 मौतें


राज्य के स्वास्थ्य विभाग के सोमवार के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में अब तक काले कवक के 7,998 मामले सामने आए हैं और 729 लोगों ने इस बीमारी से दम तोड़ दिया है।

इनमें से 4,398 मरीज इस समय इस बीमारी का इलाज करा रहे हैं।

ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मामले नागपुर (1,296), पुणे (1,187) और औरंगाबाद (940) में सामने आए।

हाल ही में राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों में म्यूकोर्मिकोसिस या काले कवक के इलाज के लिए दरों पर एक सीमा तय की है।

म्यूकोर्मिकोसिस या ब्लैक फंगस एक फंगल संक्रमण के कारण होने वाली जटिलता है लोग वातावरण में कवक बीजाणुओं के संपर्क में आने से म्यूकोर्मिकोसिस पकड़ लेते हैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार काटने, खरोंचने, जलने या अन्य प्रकार के त्वचा आघात के माध्यम से त्वचा में प्रवेश करने के बाद यह त्वचा पर भी विकसित हो सकता है।

इस बीमारी का पता उन मरीजों में लगाया जा रहा है जो कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं या ठीक हो चुके हैं इसके अलावा जो कोई भी मधुमेह रोगी है और जिसकी प्रतिरक्षा प्रणाली ठीक से काम नहीं कर रही है उसे इससे सावधान रहने की आवश्यकता है।

म्यूकोर्मिकोसिस या ‘ब्लैक फंगस’ के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि घातक बीमारी के इलाज के लिए प्रमुख दवा एम्फोटेरिसिन-बी की उपलब्धता अब बढ़ाई जा रही है और मंत्रालय पांच अतिरिक्त के संपर्क में है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, ओडिशा, तेलंगाना और तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने इसे महामारी रोग अधिनियम के तहत एक ‘सूचित’ रोग घोषित किया है जिससे राज्य को हर म्यूकोर्मिकोसिस मामले की रिपोर्ट करना अनिवार्य हो गया है।